bal kahani hindi mai होशियार तोता बाल कहानी

दोस्तों आज में आपके लिए एक खुबसूरत bal kahani hindi mai कहानी बता रहा हु जिसे आप पढ़िए और मज़े लीजिये और अपने दोस्तों को भी शेर कीजिये.बेहतरीन बाल कहानिया

होशियार तोता की कहानी

एक समय की बात है जंगल में एक तोता रहता था|वह बहुत सुन्दर था| उसकी चोच और पंख बहुत ज्यादा सुन्दर थे| उस तोते के साथ उसका छोटा भाई भी रहता था| वह दोनों जंगल में ख़ुशी ख़ुशी रहेते थे|

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एक दिन एक शिकारी जंगल में आया| उसने तोते की इस जोड़ी को देखा और सोचा, “यह तोते बहुत सुन्दर और खास है| में इन तोतो को राजा को भेट करूँगा|’ उस शिकारी ने जंगल में अपना जाल बिछाया ताकि वह दोनों तोतो को पकड़ सके| जल्द ही दोनों तोते उस शिकारी की जाल में फस गए| उसने तोतो को अपने पिंजरे में रखा और अपने घर वापिस चला गया| उस शिकारी ने राजा से कहा,”ओह राजा! देखिये तोतो की इस सुन्दर जोड़ी को| मैंने इन्हें घने जंगल से पकड़ा है| इनकी सुन्दरता देखकर सोचा की मै इन्हें आपको भेट स्वरुप दू| यह आपके महल की खूबसूरती में चार चाँद लगा देंगा|’

राजा बहुत खुश हुआ bal kahani hindi mai

यह सुनकर राजा बहुत खुश हुआ| उसने शिकारी को हजार सिक्के इनाम में दिए| उस राजा ने दोनों तोतो को सोने के पिंजरे में रखा और आपने सेवको को उनकी देखभाल करने का आदेश दिया|

तोतो की बहोत अच्छे से देखभाल की जाती थी| उन्हें महल में बहोत महत्वपूर्ण पक्षियों की तरह रखा गया| उन्हें खाने में फल और स्वादिस्ट खाना दिया जाता था|सबकी नजर महल के तोतो पर रहती थी| बल्कि राजकुमार भी उस तोतो के साथ केलाने आता था| तोते बहोत खुस थे| उन्हें सब कुछ बिना महेनत से मिल रहा था| बड़े तोते ने अपने भाई से कहा,’हमें इस राजमहल में काफी इज्जत मिली है| इसलिए में पूरी तरह संतुष्ट हु|’

छोटे भाई ने जवाब दिया ,’तुम सही कह रहे हो | हमें एकदम राजसी सेवा मिल रही है |यह हमारी किस्मत है|’

एक दिन शिकारी कला बन्दर लेकर आया और उसने उसका नाम काला बहु रखा| वह बन्दर राजा को भेट किया गया| रजा ने आपने सेवको को बंदर को आँगन में रखने के लिए कहा| रजा और उनका बीटा यानी छोटा राजकुमार बंदर की हरकते देखकर बहुत खुस और हेरान हुआ करते थे| जल्द ही बंदर ने सभी को आपनी और आकर्षित कर लिया था|

अब कोई ध्यान नहीं देता था

बंदर से आने से तोतो पर अब कोई ध्यान नहीं देता था| कभी कभी तो उन्हें खाना भी कोई देता ही नहीं था| यानि उनपे किसीका ध्यान ही नहीं था| दोनों तोतो को इसका कारन पता था| बड़ा तोता होशियार था और उसे उम्मीद थी की जल्दी उनके दिन बदलेंगे इसलिए इन्हें उदास नहीं होना चाहिए | उसने आपने भाई को सांत्वना दी,’इस दुनिया में कोई चीज हम्मेसा के लिए नहीं होती| जब तक हमारे बुरे दिन क्खातं नहीं होते तब तक धीरज रखो|’

एक दिन बंदर राजकुमार के आगे कुछ पेश कर रहा था और उससे राजकुमार डर गया और वो चिल्लाया,’मेरी मदद करो, ‘मेरी मदद करो|’राजकुमार की आवाज सुनकर सभी उसके पास आ गए और वहा से राजकुमार को ले गए| जब राजा को इसका पता चला तो उसने अपने सेवको को आदेश दिया की वह बंदर को जंगल में छोड़ आये| तुरंत ही सैनिको बंदर को पकड़कर जंगल में छोड़ आये.

अब तोतो के बुरे दिन ख़त्म हो गए थे| उनकी फिर से खातिरदारी होने लगी| उनके लिए अच्छे और स्वादिस्ट पकवान बनाये जाते थे| वह फिर से सभी के आँख के तारे बन गए|

होशियार तोते ने आपने भाई को समझाया की समय हंमेशा एक जैसा जनही रहता इसलिए अगर हमारे साथ कुछ समय के लिए कुछ गलत हो रहा है तो उससे हमें घबराना नहीं चाहिए| छोटे तोते को महसूस हुआ की इस दुनिया में कोई भी चीज एक जैसी नहीं रहेती इसलिए हर किसी को धीरज रखना चाहिए|

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इस दुनिया में कोई भी चीज एक जैसी नहीं रहेती इसलिए हर किसी को हर कम में धीरज रखना चाहिए|