motivational kahani in hindi, मोटीवेशनल कहानी इन हिंदी

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यहाँ पे हमने बेहतरीन motivational kahani in hindi कहानी दी है । अथाग परिश्रम से सफलता हासिल करे हुए के बारे मे बताने की कौशिस की है । जिसे पढ़ने से आप में एक उर्जा सी महसूस होगा । अपना होसला बढेगा और परेशानियों से टकराने का होसला बुलंद हो और महेनत करने का जझबा जागे ।

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हे, दोस्तों सफलता कभी रातो रात नहीं मिलती अगर कोई आपको जल्द सफल होने का शॉर्टकट बताये तो वह आपसे सिर्फ झूट बोल रहा है। सफल व्यक्ति के पीछे एक लम्बी कहानी होती है। और उनको शरुआत में मिलने वाली असफलताओ की असफलताओ से घबरा कर कमजोर व्यक्ति हथियार डाल देता है। (motivation story in hindi) और अपने सपनों को मार देता है।

motivational kahani in hindi जो की कुछ succes लोगो की है।

लेकिन मजबूत इन्सान अपनी असफलताओ से ये सिखता है। कामियाब होने का यह एक सफल तरीका है। motivational kahani शायद आपके होसलो को बुलंद कर दे ताकि अगर आपकी जिंदगी में कोई मुसीबत आये तो आप उसका सामना मजबूती के साथ करे.

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(1) परेशानियों से रोना मत बाज की तरह उडो,


बाज के बारे में, best motivational kahani in hindi

पूरी दुनिया में 10 हजार से भी ज्यादा पक्षियों की प्रजातीया पायी जाती है । सभी के वहीं दो पंजे, दो आँखे, एक चौच और एक गर्दन होती है । लेकिन इन्ही में से एक एसा पक्षी है जिसकी एक अलग ही पहेचन है जो आसमान का सीना चिर के हजारो मीटर ऊपर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ाता है जो खुदसे कई गुना वजन के शिकार को भी अपने पंजो में दबोच कर उड़ जाता है और उसी लिए उसे पक्षियों का राजा कहा जाता है । जिसे हम बाज के नाम से जानते है ।

और एक बाज इतना उचा मुकाम हासिल करता है अपनी ट्रेनिंग और अपने पुनर्जनम की वजह से अगर आप भी बाज की तरह इस दुनिया में एक मुकाम हासिल करना चाहते है तो एक बाज के बाज बनने का पूरा सफर आपको जानना बहोत जरुरी है । क्योकि 25 से 30 की उम्र आने के बाद भी लोगो को डर लगता है ।

मादा बाज अपने बच्चे को ट्रेनिंग, motivational kahani in hindi

लेकिन एक बाज के जीवन की शरुआत ही risk से होती है जिस उम्र में बाकी पक्षियों के बच्चे सिर्फ चिचियाना सिखते है उस उम्र में एक मादा बाज अपने बच्चे को पंजे में दबोचकर हजारो मीटर ऊपर आसमान की उचाईयो में लेके उड़ जाती है

उसे ये बताने के लिए की तेरा जन्म आसमा का सीना चिर के सबसे ऊपर उड़ने के लिए हुआ है । तेरा जन्म पक्षियों का बादशाह बनने के लिए हुआ है । जमीं से हजारो मीटर ऊपर ले जा कर मादा बाज उसे अपने पंजो से छोड़ देती है और यही से शरु होती है उसकी high risk training वो चूजा जमीं की तरफ तेजी से गिरने लगता है । थोडा निचे आता है तो उसके पंख खुलने लगते है निचे आते आते वो अपने पंख फडफड़ाने लगता है ।

लेकिन वो अभी तक उड़ना नहीं शिखा है वो जमीं से कुछ ही मीटर उचा होता है ऐसा लगता है कुछ ही सेकंड में उसका जीवन समाप्त हो जाएगा । लेकिन अचानक एक पंजा उसे अपनी गिरफ्त में लेता है । और वापस आसमान में उड़ जाता है वो पंजा होता है उसकी माँ का जो उसके पीछे उड़ रही थी । उसका यह शिखाना जब तक बच्चा उड़ना नहीं शिख लेता तब तक उसे ऐसे ही सिखाता है इतनी high risk लेने के बाद दुनिया को एक बाज मिलता है ।

बारिश के वक्त जब सारे पक्षी अपने आश्रय की तलाश करते है । तब यही बाज बादलो से उचा उड़ता है । एक बाज की उम्र लगभग 70 साल होती है ।

बाज को चालीस साल की उम्र में बहोत बड़ी समस्या आती है

बाज की उम्र चालीस साल की होती है । तब उनकी जिंदगी में एक भयानक और बहोत बड़ी परेशानी आती है। जो आपकी परेशानियों की तुलना में बहोत बड़ी होती है । क्योकि चालीस साल की उम्र में बाज की चौच इतनी मुद जाती है की उसे शिकार निगलने में बहोत परेशानी होती है । उसके पंख भारी हो जाते है । जिससे आसमान में उड़ना बहोत कठिन हो जाता है । उसके पंजे लम्बे और लचीले हो जाते है जिससे वो शिकार को सही से नहीं पकड़ पाता,

अब उस बाज के पास सिर्फ तिन रस्ते होते है । पहेला वो अपना शरीर त्याग सकता है, दूसरा गीध की तरह छोड़े हुए भोजन पर निर्भर हो जाए और तीसरा सबसे कठिन और पीड़ादायक रास्ता अपने आप को पुनः स्थापित करने का फिर से असमान का सीना चिर के उड़ने का और वो उसी तीसरे रस्ते को चुनता है

बाज का विकट परिश्थितियो में गुजरना

और अपने पास की सबसे उची चोटी पर पहोच जाता है । चोटी पर पहोचकर अपना घोसला बनाता है । और फिर शरु होता है परेशानियों को पछाड़कर आसमान में उड़ने का सफर, वो अपनी चौच को एक चट्टान पर मार मार कर तोड़ देता है । और लहूलुहान हो जाता है और इन्तजार करता है फिर से नई चौच उगने का उसके बाद वो अपनी नई चौच से अपने पंजो को काट देता है ।

और फिर इन्तजार करता है पंजो को उगने का उसके बाद वो अपने एक एक पंख को अपने शरीर से अलग करता है और फिर इन्तजार करता है नए पंख उगने का और इस प्रक्रिया में उसे समय लगता है पुरे पांच महीने का इन पांच महीनो की कड़ी तपस्या से एक बाज का पुनर्जनम होता है ।

वो फिर से आश्मान में उचे उड़ने के लिए फिर से तैयार हो जाता है । जो तिन रस्ते बाज के पास थे वाही तिन रस्ते आपके पास भी होते है । लेकिन कुछ लोग पहेले रस्ते को चुनते है । और परेसनियो के बोज तले दबकर sucide कर लेते है ।

और ज्यादातर लोग दुसरे रस्ते को चुनते है वो परेशानियों का बोझ पड़ते ही अपने लक्ष को छोड़कर अपनी नार्मल life जीने लगते है । और कुछ वो लोग भी होते है जो परेशानियों को लात मारकर अपनी महेनत के दब पर बाज की तरह सफलता में आसमान की बुलंदियों को छूते है ।

बाज की यही training हमें बहोत बड़ी सिख देती है । की अगर risk लेना पड़े तो लों लेकिन अपने फील्ड में अपने आपको इतना ट्रेन कर लों के उस फील्ड में आपसे ऊपर उड़ने के बारे में सोच कर ही लोगो के पसीने छुट जाए । तभी आप अपने फील्ड के बादशाह कहलाओगे ।

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(2) Napoleon Bonaparte – नेपोलियन बोनापार्ट के बुलंद हौसलों की कहानी


अनजानी राहो पर वीर ही आगे बढ़ा करते है।  कायर तो परिचित राह पर ही तलवार चमकाते है । दोस्तों ये कहना था नेपोलियन बोनापार्ट का

तकलीफे हम सभी की जिंदगी में आती है लेकिन हम में से कुछ लोग तकलीफों का मुकाबला करते है । और कुछ लोग हार मान लेते है । लेकिन क्या कोई ऐसा है जिसकी जिंदगी में तकलीफे नहीं आती तो क्या हम हार मान ले नेपोलियन बोनापार्ट की यह एक छोटी सी कहानी शायद आपके होसलो को बुलंद कर दे ताकि अगर आपकी जिंदगी में कोई मुसीबत आये तो आप उसका सामना मजबूती के साथ करे.

नेपोलियन बोनापार्ट के बारे में

आपने नेपोलियन बोनापार्ट के बारे में सुना होगा । नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस का एक बहादुर निडर और महान शासक था । जिसको इतिहास के पन्नो पे संसार के एक महान विजेता और सेनापति के तौर पे लिखा गया है ।

नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म 15 अगस्त 1779 में अजसियो नाम की एक जगा पे हुआ था । पिता का नाम था कार्लो बोनापार्ट और माँ का नाम था लिटिजिए रमोलिनो, नेपोलियन बोनापार्ट का विवाह मेरी लुइस के साथ हुआ था ।

महान नेपोलियन बोनापार्ट का कहेना था के असंभव शब्द सिर्फ बेवकुफो के शब्दकोष में पाया जाता है । और नेपोलियन बोनापार्ट ने अपनी जिंदगी में बहोत से असंभव कामो को संभव कर दिखाया था ।

नेपोलियन बोनापार्ट को जोखम भरे काम को करना अच्छा लगता था । एक समय की बात है जब नेपोलियन बोनापार्ट को किसी जगा पे युध्ध करने के लिए आल्पस पहाड़ को पार करके जाना था । नेपोलियन बोनापार्ट के सिपाहियों ने आल्पस पहाड़ की उचाई और उसके कठिन रास्तो के बारे में सुना था । और सबको ये मालूम था की आल्पस पहाड़ को पार करना ना मुमकिन था ।

रस्ते में बुजुर्ग औरत का मिलना

जब नेपोलियन बोनापार्ट युध्ध के लिए निकला तब उसको रस्ते में एक बुजुर्ग औरत मिली जिसने नेपोलियन बोनापार्ट को कहा वो अपना सैनिको को लेकर वापस चला जाए । क्योकि आज तक आल्पस पहाड़ को पार करने की जिसने भी कौशिस की है वो जिंदा ही नहीं बचा है । ये सूनकर नेपोलियन बोनापार्ट के सैनिक और भी ज्यादा डर गए ।

लेकिन नेपोलियन बोनापार्ट इस बात से डरा नहीं और बुजुर्ग महिला को अपना कीमती हार भेट देते हुए कहा की मुझे जोखम भरे काम करना पसंद है और आप ने मेरा होसला और भी बड़ा कर दिया है ।

अगर में आल्पस पहाड़ को पार कर लेता हु और जिंदा लौट के आऊ तो आप ये बात सभी को बताना, वो बुजुर्ग औरत नेपोलियन बोनापार्ट की बातो को सुनकर बहोत प्रभावित हुई । और उसने नेपोलियन बोनापार्ट को आशीर्वाद भी दिया के तुम जरुर आल्पस पहाड़ को पार करके अपने मकसद में कामयाब होंगे ।

क्या किसिने  कभी आल्पस पहाड़ को देखा है?

लेकिन सैनिको को कौन समझाता और उन लोगो ने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया, नेपोलियन बोनापार्ट ने अपने सभी सैनिको को अपने पास बुलाया और पूछा:’ क्या किसिने  कभी आल्पस पहाड़ को देखा है? सभी सैनिको ने कहा की हमने कभी आल्पस पहाड़ को नहीं देखा ।

इस बात पर नेपोलियन बोनापार्ट ने कहा की:’तुम सब मेरे साथ आगे बढ़ो जब आल्पस पहाड़ आएगा तो में तुम लोगो को बता दूंगा ।“ फिर तुम लोग मुझे बता देना की तुम को आगे बढ़ना है या नहीं,

सैनिको नेपोलियन की इस बात से तैयार हो गए । और उन लोगो ने आगे बढ़ने का निश्चय किया, दो तिन दिन चलने के बाद सैनिको को एक पहाड़ दिखाई दिया तो उन लोगो ने नेपोलियन बोनापार्ट से पूछा:” क्या यही आल्पस पहाड़ है? नेपोलियन बोनापार्ट ने कहा की नहीं ये वो पहाड़ नहीं है । ये तो एक छोटा सा पहाड़ है । इस पहाड़ को पार करने के बाद इससे करीब डेढ़ गुना  ज्यादा बड़ा एक और पहाड़ आएगा । वही आल्पस पहाड़ है ।

सैनिक आश्चर्य से भर गए

ये सुनकर नेपोलियन बोनापार्ट की सेना आगे बढ़ी उस पहाड़ को पार करने के बाद वो सभी एक बड़े से मैदान में पहोचे जहा पे आगे सिर्फ मैदानी इलाका था । ये देखकर सैनिको ने नेपोलियन बोनापार्ट से पूछा:” के आल्पस पहाड़ अभी कितना आगे है । ये सुनकर नेपोलियन बोनापार्ट हँसा और बोला:” किस आल्पस पहाड़ की बात कर रहे हो आल्पस पहाड़ तो हम लोगो ने पार कर लिया है । ये सुनकर सैनिक आश्चर्य से भर गए । उनको विश्वास ही नहीं हुआ की हम लोगो ने इतनी आसानी से आल्पस पहाड़ को पार कर लिया है ।

नेपोलियन बोनापार्ट के उठाये गए इस कदम ने उसके सैनिको का होसला और भी ज्यादा बुलंद कर दिया और उसका नतीजा यह हुआ की नेपोलियन बोनापार्ट ये युध्ध भी नहीं हारा, नेपोलियन बोनापार्ट को अपने ऊपर पूरा विशवास था ।

और यही कारन था उसको अपने जीवन में बार बार सफलता मिली । जिसने एक सिपाही से फ्रांस का सम्राट बना दिया ।

नेपोलियन बोनापार्ट की लम्बाई कम थी इसलिए वो littel corporal भी कहा जाता है । लेकिन अपने बुलंद होसलो के कारन उसने जिस उचाइयो को छुआ उसको चुनोती देना किसी बहादुर योध्धा के लिए आसन नहीं था ।


(3) एक लडके की कहानी, motivational in life


मोटिवेशनल कहानी इन हिंदी

एकबार एक लडके ने एक अमीर व्यक्ति को देखकर अमीर बनने का निश्चय किया। वह अमीर बनने के लिए कई दिनों तक महेनत करता रहा। वो अच्छे पैसे कमाने भी लगा था।

इसी बिच उनकी मुलाकात एक पंडित से हो गई। पंडित के ऐश्वर्य को देखकर वो आश्चर्य चकित हो गया । अब उसने विद्वान बनने का निश्चय किया अगले ही दिन से वो रुपैये कमाना छोड़कर ज्ञान हासिल करने में लग गया।

अभी वह थोडा बहोत ही ज्ञान हासिल कर पाया था। की इसी बिच इनकी मुलाकात एक संगीतकार से हो गई। उनको संगित में अधिक आकर्षण दिखाई दिया । इसलिए उसी दिन से वो ज्ञान हासिल करना छोड़ कर संगीत सीखना शरु कर दिया।

और इसी तरह काफी टाइम निकल गया ।

ना तो वो अमीर बना, न तो वह विद्वान बना , और ना ही एक संगीतकार बन पाया तब वो बड़ा दुखी हुआ एक दिन उसकी मुलाकात एक बहोत बड़े महात्मा से हुई। महात्मा ने उसकी परेशानी सुनी और मुश्कुराकर बोले बेटा ये दुनिया बड़ी ही चिकनी है तुम जहा भी जाओगे कोई ना कोई चीज तुम्हे अपनी और खिचेगी ।

इसलिए एक लक्ष्य बनाओ और उनके ऊपर महेनत करो तुम्हे सफलता जरुर मिलेगी । नहीं तो दुनिया के झमेलों में यु ही चक्कर खाते रहोगे।

दोस्तों ये छोटी सी कहानी हमें ये सिखाती है की बार बार इधर उधर भटकने से बेहतर है की एक जगा टिककर मेहनत की जाए।  तभी सफलता प्राप्त की जाती है।

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(4) Mark zukarburg ki motivational kahani


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दोस्तों ये कहानी है एक ऐसे इन्शान की वह अपने संघर्ष के समय कभी असफलताओ से हार नहीं मानी। और उन विफलताओ को सीडी बनाते हुए कामयाबी के मुकाम तक जा पहोचा। और आज वो दुनिया का सबसे अमीर युवा है। आज दूनियाभर में facebook एक एसा social network बन चूका है जिसके बिना हम अपनी दिनचर्या की कल्पना तक नहीं कर सकते।

facebook ने हमें उनके साथ जोड़ दिया है जो लोग कभी हमसे बिछड़ गए थे। या जीने हम जीवन की आपा धापी में भूला दिए हो ।

लेकिन एक कमरे से शुरू हुआ facebook के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग का यह social network रातोरात नहीं चमका। इसके पीछे सालो की महेनत और संघर्स की कहानी है।

Facebook की कहानी

facebook की शरुआत Harvard University के हॉस्टल से हुई। 2003 में Harvard University के second years के स्टूडेंट मार्क जुकरबर्ग ने FACEMASH की शरुआत की। यह एक website थी । इसमे उन्होंने अपने साथ पढ़ने वाले student की फोटो डाली थी । इन फोटोज को इन्होने university के सर्वर्स से चुराया था।

इस वेबसाइट पर शरुआत के चार घंटो में ही 450 लोगो के माध्यम से 22 हजार visit किये गए। और यह देखते ही देखते चर्चा में आ गया। लेकिन कुछ दिनों बाद Harvard University ने आदेश दिया की इस website को चलाना बंध किया जाए। क्योकि यह कॉपीराइट और सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला था। इसके लिए जुकरबर्ग को डिसिप्लिन कार्यवाही का सामना भी करना पड़ा था। लेकिन Harvard ने उन्हें बहार नहीं निकला था।

the facebook pro.

4 फरवरी 2004 को मार्क जुकरबर्ग ने लोंच किया the facebook pro. लोंचिंग के 6 दिनों बाद ही harvard के तिन सीनियर्स जिसमे दो जुड़वा भाई थे। camaron और trailar और उनके साथ दिव्य्नरेंद्र ने क्लेम किया की उन्होंने जुकरबर्ग से harwordconnection.com बनाने के लिए करार किया था।

उन्होंने आरोप लगाया की जुकरबर्ग ने वो website न बना कर उनके idea को facebook बनाने में इस्तेमाल किया वे इसके लिए कानून का सहारा लेना चाहते थे। लेकिन 2008 में यह मामला तब सुलझ गया जब facebook ने अपने 1.2 miliyan शेर उनको दे दिए।

आपको बतादे की एक माह के भीतर ही हार्वर्ड के आधे से ज्यादा छात्र the facebook के मेम्बर बन चुके थे। the facebook धीरे धीरे कोलाम्बियो यानि के पास की यूनिवर्सिटीया  में पहोच चूका था। इसके बाद जुकरबर्ग हार्वर्ड के सहपाठी  चार दोस्तों को सह संस्थापक के रूप में अपने साथ ले आया। जिससे facebook को आगे बढ़ाने में उनकी मदद ली जा सके।

facebook फर्स्ट विज्ञापन

facebook को पहेला विज्ञापन lounching के कुछ महीनो के बाद ही मिल गया था। इसने यह पक्का कर दिया की यह facebook तेजी से आगे बढ़ रहा है।

जब की जुकरबर्ग के पास इसे चलाने के साधन सिमित ही थे। अभी तक जुकरबर्ग facebook को अपने हॉस्टल के कमरे से ही चला रहे थे। लेकिन अब वक्त आ गया था की facebook के प्रति गंभीर हुआ जाए।

इसलिए 2004 में जुकरबर्ग ने हॉस्टल छोड़ दिया बिल्कुल वैसे ही जैसे कभी बिलगेट्स ने छोडा था।

2004 के मध्य में जुकरबर्ग ने थिन पारकर को अपनी कम्पनी का पहेला प्रेसिडेंट बनाया। लगभग उसी समय जून 2004 में जुकरबर्ग ने palo onto केलिफोर्निया के एक छोटे से ऑफिस से facebook का संचालन शरु किया । जिस वक्त facebook जब अपने नए ऑफिस में पहोचा। उसी माह उसे पहेली बाहरी फंडिंग मिली, लगभग पांच लाख डॉलर की ये इन्वेस्टमेंट paypaal ने किया था। इसके बाद टेसला के संस्थापक एलोन मस्क ने इन्वेस्टमेंट किया।

मई 2005 में

facebook की फंडिंग बढ़ा कर तेरा पॉइंट सात milliyan डोलर हो गई। 2007 के अंत में facebook google की एक एक्जीक्यूटिव शेरिल सेनबर्ग से एक क्रिसमस पार्टी के दौरान मिले । शेरिल उस वक्त वोशिंग्टन पॉइंट को जॉइन करने वाली थी लेकिन उनसे मिलने के बाद जुकरबर्ग को लगा की उनकी कम्पनी को चीफ ऑपरेटिव ऑफिसर की जरुरत है।

और उन्होंने इसके लिए शेरिल को 2008 की शरुआत में मना लिया। हालाकि facebook का प्रसार तेजी से हो रहा था की इसी बिच स्मार्टफ़ोन के आने के बाद इसके प्रसार में और वृध्धि हुई।

2009 में facebook को एक बड़े ऑफिस से संचालित किया हाने लगा। 2010 के अंत तक facebook के ऊपर महीने में triliyans के उपर यूजर आने लगे।

facebook दुनिया में कई हिस्सों में हुए आन्दोलनों में लोगो को जुटाने की मुख्य भूमिका निभाई। दूसरी तरफ facebook को दुनियाभर के लोगो तक पहोचाने के लिए जुकरबर्ग ने विश्वके बड़े और प्रभावशाली नेताओ से मुलाकात की ।

मोटिवेशनल कहानी इन हिंदी फॉर स्टूडेंट्स, facebook ki safalata

facebook ने सफलता का सफर जारी रखते हुए Instagram की शरुआत की जो काफी सफल रहा। इसके बाद facebook ने whatsaap को भी खरीद लिया।

तेजी से बढती इस कंपनी ने अपने ऑफिस को फिर से बड़ा किया इसे महान आर्किटेक्ट फ्रैंक गहेरी ने disighn किया।

दिसंबर 2015 में जुकरबर्ग ने जो दुनिया को बेहतर बनने में जुकरबर्ग के 99% धन का इस्तेमाल करेगी। दुनिया की भलाई के लिए काम करने के साथ साथ ही जुकरबर्ग ने कंपनी के काम पर पूरी पकड़ बनाये रखी।

आख़िरकार यह वह कंपनी है जिसको इन्होने हॉस्टल से कमरे से शरुआत की थी। यानि के सफलता धीरे धीरे मिलती है। बस महेनत कभी न छोडो.


(5) बिना किसी डर से जीना सीखो, motivational kahani in hindi


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एक गाव की बात है। काफी समय पहेले की वहा पर एक गुफा थी । जिसे लोग मौत की गुफा के नाम से जानते थे। कोई भी उस गुफा के समीप भी नहीं जाना चाहता था।

अब उस गुफा के बारेमे बताऊ तो उस गुफा में लगभग 300 से ज्यादा लोग जा चुके थे। और कोई भी वापस लौट कर नहीं आ पाया था। अब समझदारी की बात की जाए तो आज के नोऊ जवान काफी समझदार होते है। अ आप भी काफी समझदार होंगे। और आपकी सोच भी दूसरो से अलग हो सकती है। वहा के लोग डरते हुए यानि की सोच कर ही टाइम बिता रहे थे।

और उसी टाइम पर गाव में एक नौजवान आया और उसने ए सब बाते सुनी के गुफामे ऐसा होता है इतने सारे लोग गुफामे जाके मार चुके है। तरह तरह की डरावनी बाते सुनी अब उसे लोगो की इन सभी बातो पे यकीन ही नहीं हुआ।

उसने सोचा की आज के ज़माने में ऐसा भी हो सकता है । उसने तै किया वो इस गुफा के अन्दर जाएगा। और ऐसे ही बिना बताये चला गया तो सच्चाई किसीको पता नहीं चल पाएगी। तो उसने जैसे वैसे करके सभी गाव वालो को बता दिया। की वो उस गुफा में जा रहा है। और कुछ ही दिनों में सभी लोगो को पता चल गया की वो लड़का उस गुफा में जाने वाला है।

तो सब इस नौजवान के घर के पास इकठ्ठे हो गए। और उसे समझने लगे की आखिर तुम जाना क्यों चाहते हो। अगर गए भी तो वापस लौटकर नहीं आ पाओगे। तो तुम साबित कैसे करोगे की वह पर कुछ ऐसी चीजे नहीं है।

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पर उस लडके ने ठान लिया था की वह उस गुफा में जा कर ही रहेगा। और जो भी सच्चाई है उसका सामना करके ही रहेगा। उसने किसीकी  बात नहीं सुनी।

और अगली ही सुबह वो इस गुफा की और बढ़ने लगा । और गुफा के अन्दर जाते ही कुछ आगे जाने पर बहोत ही अँधेरा था। और धीरे धीरे करके वो इस गुफा में काफी अन्दर पहोच गया। तभी उसे लगा की कोई उसका पीछा कर रहा है। और किसीने पीछे से उन्हें धक्का दिया।

उस लडके ने जैसे ही पीछे पलटकर देखा तो वहा चार आदमी खड़े थे। वो उसे बांधकर एक जगह पर ले गए। उस लडके को जहा पर ले जाया गया तब उसने देखा की ये जगा तो बहोत ही अच्छी है। और उसने देखा की यहाँ पर साडी सुख सुविधाए है। और वो इन सभी सुख सुविधाओ को देखकर वाही पर रह गया। क्योकि गुफा के अन्दर गाव से भी अच्छी चीजे थी।

उस लडके ने उन चार आदमी को पूछा की आप यहाँ से बहार क्यों नही आये? उन चार आदमिओने उनसे बताया की हम सभी इस गुफा में तुम्हारी ही तरह आये थे। पर यहाँ ये सारी चीजे देखकर यही पे रह गए।

हमने तो तुम्हे डराने के लिए धक्का दिया था। ताकि तुम यहाँ से चले जाओ। लेकिन तुम्हारी हिम्मत देखकर हम तुम्हे यहाँ पर ले आये। ओर ये सारी चीजे सुनकर वह नौजवान भी वही पर रुक गया।

उस लडके को गुफा में जाने से एक महिना हो चूका था,मोटिवेशनल कहानी हिंदी best

और उस गुफामे जाकर वो लडके को एक महिना हो चूका था। ओर ऐसे ही काफी टाइम निकल गया।

गाव वालोको तो यही लगा की वहा पर कोई भूत है या वहा पर कोई न कोई ऐसी चीज है जो इन्शान को खा जाता है या मार देता होगा। लोगो का वहेम और भी पक्का हो चूका था। के अन्दर जाने वाला इन्शान कभी वापस नहीं आता।

इस कहानी को अगर हम अपनी जिंदगी से देखे तो

अगर हम इसे हम अपनी जिंदगी से जोड़ कर देखे तो कोई भी नया काम शरु करने से पहेले लोग हमें इसी तरह डराते रहेते है। की तुमसे ये नहीं हो पायेगा, तुमसे वो नहीं हो पायेगा। तुमसे ये नहीं ही हो पायेगा। या फिर तुम्हारे जैसे बहोत ही लोगो ने कौशिश कि थी। लेकिन वो भी नहीं कर पाए तुम क्या कर पाओगे। इस काम को करोगे तो ऐसा होगा, वैसा होगा या पहले हम कर चुके है हमसे भी नहीं हो पाया। तरह तरह की बाते करके डरायेगे।

जैसे ही अगर आपको कोई bissuness satart करना है तो हम अपने आइडिया को किसी और के साथ discus करते है। जैसे ही bissuness idea या को अपनी family या अपने रिश्तेदारों से discus करोगे तो सबसे पहले एक ही चीज सुनने को मिलेगी । की ये bissuness नहीं करना चाहिए। bissuness में लोस जाएगा। इसमे पैसे कहा से लाओगे ऐसे बहोत साडी चीजे आपके सामने लाइ जाती है।

इसमे होता यह है की हम दुसरे लोगो की तरह उन गाव वालो की तरह डर कर उसी जगह पर बैठकर  अपनी value को घटाते रहेते है। मतलब की डर कर बैठ गए हम जैसे थे वैसे ही जिंदगी निकल देते है। इन्ही गाव्वालो की तरह और जिंदगी जैसे चल रही थी वैसे ही चलने देते है।

या इस लडके की तरह लोगो के डर से लोगो की बातो से लडकर अपनी जीत हासिल करते है। और अपने सपनों को पूरा कर लेते है। फैसला हम्मेसा आपको ही लेना पड़ेगा। फैसला हम्मेसा आपके ही हाथ में होगा क्योकि risult भी आपको ही मिलने वाला है। best of luck आपकी जिंदगी और आपके सपनों के लिए।


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(6) पति-पत्नी और गधे की कहानी,


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एक बार एक आदमी और अपनी पत्नी गधे के साथ पैदल चल रहे थे। वो कुछ ही दूर चले की रस्तेमे कुछ लोग इन्हें देखके हस रहे थे। और कहेने लगे अरे! ये कितने बेवकूफ है? इनके पास गधा होते हुए भी ये पैदल चल रहे है।

उन लोगो की बाते सुनकर पती पत्नी सोचने लगे की बात तो सही है हमें गधे पे बैठकर चलना चाहिए। अब वो दोनों गधे पर बैठ के सवार हो गए। कुछ दूर आगे जाके उन्हों ने देखा की फिर कुछ और लोग मिले, जो इन्हें कुछ नफरत भारी नजरो से देख रहे थे।

और बोल रहे थे,” देखो देखो ये पागल लोग है ” उनको एक ही गधे पे दोनों को बैठ के जाने में गधे पे दया नहीं होगी। वह लोग पती-पत्नी फिर बिचार करने लगे की कदाचित ये लोग ठीक कह रहे है। इसलिए पती गधे से निचे उतर गया। और सिर्फ पत्नी को गधे पे बिठाया ।

पति-पत्नी और गधे की कहानी

ऐसे वो दोनों कुछ ही दूर चले थे की कुछ लोग फिर से उनकी तरफ देखके हसने लगे और कहने लगे ये देखो जोरू का गुलाम। खुद पैदल चल रहा है और पत्नी को गधे पे बैठा रखा है। पती को ये सुनकर बहोत बुरा लगा।

तो उसने अपनी पत्नी को गधे से उतार दिया, और खुद गधे पे बैठ गया। लेकिन कुछ लोग फिर से उन्हें देखकर हँसाने लगे। की खुद्द तो गधे पे बैठा है और इन्हें बेचारी स्त्री को चलते देख शर्म नहीं आती होगी।

उन दोनों ने फिर से सोचा और इसबार उन्होंने गधे को ही सर पे उठाके चलने लगे। ये सोचकर की शायद अब उनपर कोई नहीं हसेगा। लेकिन फिर से कुछ लोग इसपर हँसने लगे। और कहेने लगे अरे ये दोनों कितने मुर्ख है। जिस गधे पर बैठना चाहिए, उसने उसको अपने सर पे उठा रखा है।

दोस्ते ये कहानी भले ही काल्पनिक है । लेकिन जिंदगी की हकीकत को दर्शाती है। आप चाहे कितना ही अच्छा क्यों न कर लों, लोग कहेना नहीं छोड़ेगे। वो आपको पागल कह सकते है। आप पर हस सकते है। वो आपके बारेमे चाहे कुछ भी सोचे, कुछ भी कहे, आपको फर्क नहीं पड़ना चाहिए। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ना चाहिए। की आप खुदके बारे में क्या सोचते हो?

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(7) एक फकीर की यात्रा, मोटिवेशनल कहानी


 

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एक फकीर देश में यात्रा के लिए निकला यात्रा के दौरान जब रात हो गई तो वो एक व्यक्ति के घर जा कर रुका उसका नाम आनन्द था | आनन्द ने फकीर की खूब सेवा की दुसरे दिन आनन्द ने फकीर को उपहार देकर विदा किया फकीर आनन्द की सेवा से बहोत खुश हो गया था | और उसे दुवाये देने लगा भगवन करे तुम्हारा धन दौलत दिनों दिन बढ़ती ही रहे! फकीर की इस बात को सुनकर आनन्द हसने लगा और बोला “अरे फकीर जो भी है वो भी नहीं रहने वाला”

फकीर आनन्द की तरफ देखता रह गया | और वहा से चला गया कुछ वर्षो के बाद फकीर फिर आनन्द के घर आया और देखा की उसका सारा धन सारी सम्पति सबकुछ ख़तम हो चूका है | पता चला अब आनन्द गाव के किसी जमींदार के घर में मजदूरी कर रहा है |

वो फकीर आनन्द से मिलने गया लेकिन आनन्द ने आभाव में भी उस फकीर का स्वागत किया झोपड़ी में फटी चटाई पर उसे बिठाया और खाने के लिए जो उसके पास सुखी रोटी थी वो फकीर को दे दी | दुसरे दिन जाते समय फकीर की आँखों में आंसू थे |

तब वह फकीर कहने लगा हे “भगवान् ! ये तूने क्या किया”

आनन्द फिर हँसा और कहेने लगा “अरे फकीर तू क्यों दु:खी हो रहा है इश्वर हमें जिस हाल में भी रखे हमें खुश रहेना चाहिए , उसे धन्यवाद देना चाहिए, समय सदा बदलता रहेता है, और सुनो ये भी नहीं रहेने वाला |

फकीर सोचने लगा मै तो केवल वेश से फकीर हु लेकिन सच्चा फकीर तो तू है आनन्द…

कुछ वर्षो के बाद फकीर फिर यात्रा पर निकला और आनन्द से मिला तो देखकर हैरान रह गया आनन्द अब तो जमीदारो का भी जमीदार बन गया है | फकीर को मालूम हुआ की जिस जमीदार के यहाँ वो मजदूरी करता था |

उसकी कोई संतान नहीं था | मरते समय उस जमीदार ने सारी जयादात आनन्द को दे दी फकीर बहोत खुश हो गया उसने आनन्द से कहा अच्छा हुआ वो जमाना गुजर गया भगवान करे अब तो ऐशा ही बना रहे,

motivational kahani in hindi, आनन्द फिर हँसने लगा-

ये सुनकर आनन्द फिर हँसने लगा और कहने लगा “फकीर अभी भी तेरी नादानी बनी ही हुए है” | फकीर ने पूछा “क्या ये भी नहीं रहने वाला” आनन्द ने उत्तर दिया! “ हा या तो ये दौलत चली जायेगी या तो उसका मलिक ही चला जाएगा” | यहाँ पे कुछ भी हंमेशा रहने वाला है ही नहीं | और अगर कोई चीज शाश्वत है तो वो है हमारी आत्मा, वो है हमारे मन की शांति, हमारे मन का सुकून और बाकि जो भी कुछ है वो हमेशा रह ही नहीं सकता | फकीर ने आनन्द की बातो को बहोत ध्यान से सुना और चला गया |

कुछ सालो बाद फकीर जब उसी गाव से गुजरा तब देखा की आनन्द का वो महल तो है लेकिन उस में आनन्द नहीं है | उसमे कबूतर गुटरगू कर रहे है | क्योकि आनन्द अब इस दुनिया में नहीं था | आनन्द की मृत्यु हो चुकी थी |

कह रहा है आसमा ये समां कुछ भी नहीं , रो रही है शबनमे नौरंगे जहा में कुछ भी नहीं |

जिनके महेलो में हजारो रंग के जलते थे फानूस, झाड़ उसके कबर पर बाकि निशा कुछ भी नहीं ||

वो फकीर मन ही मन सोचने लगा की ये इन्शान जिंदगीभर कितना दौड़ता रहेता है | रोता रहेता है, दुखी होता रहेता है , जिन चीजो के लिए इन्शान तड़पता रहेता है | दुखी होता रहेता है |

वास्तव में वो चीजे हमेशा रहने वाली है ही नहीं वो सारी चीजे बदलने वाली है |

ये मोटिवेशनल कहानी हिंदी hindi कहानी हमें यह शिक्षा देती है |

के हमारी जिंदगी में जब भी कोई मुश्केली आये, कोई तकलीफ आये, कोई दुःख आये तो हमें ये सोचना चाहिए के जिंदगी में जो इससे पहले जो मुश्किलें आई, उलझाने आई क्या वो रुकी? क्या वो हमेशा रही? जैसे आज कल सारी मुश्किलें हो कर चली गयी वैसे भी ये मुश्किल भी होकर चली जायेगी|

ये भी हमेशा रहने वाली नहीं है | तो आपकी जिंदगी में कितना भी बड़ा दुःख क्यों न हो कितनी भी मुश्किलें क्यों न हो आप मन मे ये विश्वाश रखना ये मुश्किलें ये उलझने हमेशा रहने वाली नहीं है|


(8) bete or pita ki kahani :- motivational story in hindi


मोटिवेशनल कहानी हिंदी में

एक व्यक्ति मृत्यु के करीब  था।  मरने वाला था, उसने अपने बेटे को चांदी के सिक्कों से भरा हुआ एक थैला दिया और अपने पुत्र को बताया: ”जब भी इस थैले से चांदी के सिक्के खत्म हो जाए तो जो मैं तुम्हें एक प्रार्थना बताता हूं उसे दोहराने से चांदी के सिक्के फिर से थैले में भरने लग जाएंगे। उसने अपने बेटे के कान में चार शब्दों की प्रार्थना कहीं और वह मर गया।

चांदी के सिक्कों से भरा थैला-motivational story in hindi

अब बेटा चांदी के सिक्कों से भरा थैला पाकर बहुत खुश हो गया उसे खर्च करने में लग गया वो थैला इतना बड़ा था कि उसे खर्च करने में कई साल बीत गए। लेकिन इस बीच वह चार शब्दों की प्रार्थना ही भूल गया! जब थैला खत्म होने को आया तब उसे याद आया अरे वह चार शब्दों की प्रार्थना क्या थी!  उसने बहुत कोशिश की लेकिन उसे याद ही नहीं आया

अब वह लोगों से पूछने लगा पहले पड़ोसी से पूछा ऐसी कोई प्रार्थना तुम जानते हो जिसमें चार शब्द है पड़ोसी ने कहा हां एक चार शब्दों की प्रार्थना मुझे मालूम है “ईश्वर मेरी मदद करो” उसने सुना और उसे लगा कि यह शब्द नहीं है। वह शब्द कुछ अलग थे उसने बहुत सारे चार शब्दों की प्रार्थना को बार-बार दोहरा के देखा लेकिन उस खाली थैले में सिक्के बढे ही नहीं। वह मन ही मन बहुत दुखी हो गया।

फिर वो एक ब्राह्मण से मिला उसने कहा तुम यह प्रार्थना करो “ईश्वर तुम महान हो” लेकिन इस प्रार्थना से भी कुछ नहीं हुआ।  फिर उसे एक धनि इंसान मिला उसने कहा तुम यह प्रार्थना करो “इश्वर मुझे धन दो” लेकिन उस प्रार्थना से भी कुछ नहीं हुआ। आखिर में वह उदास होकर अपने घर में बैठ गया।

एक भिखारी उसके दरवाजे पर आया

तब एक भिखारी उसके दरवाजे पर आया उसने कहा सुबह से कुछ नहीं खाया है। खाने के लिए कुछ हो तो मुझे दे दो। उस लड़के ने बचा हुआ खाना भिखारी को दे दिया उस भिखारी ने खाना खाकर ईश्वर से प्रार्थना की “हे इश्वर तुम्हारा धन्यवाद” अचानक वह लड़का चौक पड़ा और चिल्लाने लगा अरे यही तो वो चार शब्द थे उसके वो चार शब्द दोहराने से हे इश्वर तुम्हारा धन्यवाद उसका खाली थैला चांदी के सिक्कों से वापस भर गया।

यह कहानी भी हमारी जिंदगी से जुड़ी है । जब तक हम अपनी जिंदगी में शिकायत करते रहते हैं। परेशान होते रहते हैं तब तक हमारी जिंदगी के खाली थैले में खुशियों के सिक्के आते ही नहीं। लेकिन जब हम सारी शिकायतें भूलकर परमात्मा को दिल से धन्यवाद देते हैं। प्रकृति को दिल से धन्यवाद देते हैं, शुक्रिया अदा करते हैं, तो हमारी जिंदगी में खुशियों के सिक्के भर जाते हैं।

याद रखना एक बात जो इंसान हमेशा शिकायतों से भरा रहता है। वह इन्शान कभी खुश नहीं रह सकता, जो व्यक्ति धन्यवाद के भाव से भरा रहता है वह आपको हमेशा खुश रखेगा उस इंसान की जिंदगी में शांति और सुकून दिखाई देगा ।

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(9) और तीसरी  कहानी एक चिड़िया-motivational story in hindi


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एक चिड़िया ने एक खेत में अपना घोंसला बनाकर उसमें अंडे दिए उस में  समय आने पर दो बच्चे निकले चिड़िया दाना चुगने के लिए रोज जंगल जाती और इस बीच उसके बच्चे वहां पर अकेले रहते थे। चिड़िया जब लौटकर आती है तो बहुत खुश होते उसका लाया हुआ दाना चुभते थे ।

एक दिन चिड़िया ने देखा कि बच्चे बहुत डरे हुए हैं। उन्होंने बताया आज खेत का मलिक आया था वह कह रहा था कि फसल पक चुकी है कल बेटों से खेतों की कटाई के लिए कहेगा इस तरह तो हमारा घोसला टूट जाएगा। फिर हम कहां रहेंगे? चिड़िया बोली फिकर मत करो अभी खेत नहीं कटेगा और अगले दिन सच में कुछ नहीं हुआ।

बच्चे बेफिक्र हो गए

बच्चे बेफिक्र हो गए एक हफ्ते के बाद चिड़िया को बच्चे फिर डरे हुए मिले। और बोले की किशान आज फिर आया था। और कह रहा था कल नौकरों को कह कर खेत को  कटवाएगा इस बार भी चिड़िया ने बच्चों से कहा तुम चिंता मत करो कुछ भी नहीं होगा। डरो मत!

अगले हप्ते बच्चों ने बताया कि किसान आज फिर आया था और कह रहा था कि फसल कटाई में बहुत देर हो गई है कल वह खुद आकर के इस फसल को काटेगा। यह सुनकर चिड़िया बच्चों से बोली अब खेत कल पक्का कट जाएगा। वह अपने बच्चों को लेकर तुरंत एक सुरक्षित स्थान पर चली गई । बच्चे बहुत हैरान थे और अपनी मां से पूछने लगे कि तुम्हें कैसे पता कि इस बार खेत सचमुच में कटेगा तो वह चिड़िया कहने लगी ।

जब तक कोई इंसान दूसरों पर निर्भर होता है तो उसके काम को संपन्न होने में हमेशा संदेह बना रहता है। लेकिन जब कोई इन्शान अपने काम को खुद करने की ठान ठान लेता है। तो वह काम जरूर होता है।

यह कहानी भी हमे शिक्षा देती है कि जब तक हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं।

हमेशा दूसरो के भरोसे चलते रहते है तब तक हमारे काम ढंग से हो ही नहीं पाते। लेकिन जिस दिन हम अपने सारे काम अपने हाथ में ले लेते है। अपने हर काम में हम खुद जुड़ जाते है, तो हमारे वो सारे काम जरुर पुरे होते है।


सफलता पाने के कुछ वाक्यांशों, मोटिवेशनल कहानी हिंदी


motivational kahani in hindi

  • सफलता की खुशिया तो हर कोई मनाता है मनानी भी चाहिए, लेकिन असफलताओ से सबक लेना सबसे ज्यादा जरुरी है।
  • इस संसार में अनेको लोग अपनी योग्यताओ का पिटारा लेके घूम रहे है, लेकिन उनका लाभ उन्हें मिल नहीं पाता क्योकि वह महेनत और प्रयास के पीछे नहीं केवल धन के पीछे भाग रहे है।
  • वृक्ष कभी इस बात पर दुखी और रोता नहीं रहेता के उसके कितने पुष्प गिर गए, वह हमेशा नए फूलो के सर्जन में लगा रहेता है। आप भी वृक्ष से जीवन के बारे में बहोत गहेरी बात शिख सकते है। के चाहे आपने जीवन में कितना कुछ खो दिया हो इस पीड़ा को भूलकर आप नया क्या कर सकते है। इस बात पर शोचिये।
  • कभी अपने आप को किसी से कम मत समझिये क्योकि वजूद सबका अपना अपना होता है। माना की सूरज के सामने दीपक की कोई औकात नहीं लेकिन अँधेरे के सामने दीपक बहोत कुछ है।
  • किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा है उन्ही हाथो को काम में लगा दो!…
  • जिंदगी में कभी हार मान जाओ तो इस बात को याद रखना के उम्र थका नहीं सकती, ठोकरे गिरा नहीं सकती अगर जिद है तुम्हारे अन्दर तो तुम्हे हार भी हरा नहीं सकती।
  • मोटिवेशनल कहानियां हिंदी में

  • जिंदगी में जब कभी किसी बात पर बहोत ज्यादा टेंशन मत लेंना, क्योकि अगर टेंशन लेने से समस्या हल हो जाती तो दुनिया के सारे दुखी लोग सबसे ज्यादा सफल होते।
  • बस इतना याद रखो की अशफलाता के बारे में रोते रहेने से नहीं बल्कि बार बार कौशिस करने से कामयाबी मिलेगी।
  • और जिंदगी तो एक बार मिली है कुछ बनकर दिखाओ आज अगर वक्त ख़राब भी है तो क्या हुआ एक दिन उसे बदलकर दिखाओ।
  • कमजोर लोग अपने अपमान का बदला झगड़कर लेते है, लेकिन समझदार लोग अपमान का बदला सामने वाले से कामयाब हो के ले लेते है।
  • कभी बुरा समय आये तो याद रखना के कुदरत भी उनके साथ ही खेलती है जो अच्छे खेलाडी होते है।
  • और life में गिरना तो बहोत जरुरी है, क्योकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई option नहीं होता। अगर तुम निचे गिरकर देखो कोई नहीं आएगा उठाने अगर तुम उचे उड़कर देखो सब आ जायेंगे गिराने । इसलिए लोगो की फिकर करना छोड़ दो कोई तुम्हारे बारे में कुछ भी सोचे,कुछ भी कहे तुम बस अपने लक्ष की तरफ लगे रहो। केवल उसी बात पे ध्यान दो के वो तुम्हारी जिंदगी बानाने वाला है।
  • कभी अपनी दिक्कतों की शिकायत मत करो क्योकि जिन्हें कुछ करना होता है वो अप अपनी दिक्कतों बहोत पीछे छोड़ देते है।
  • और अगर आप अभी भी सपने अपनी औकत के हिसाब से देखते हो तो वाकई में आप मन से बहोत गरीब हो याद रखे उचाई पर वही पहोचते है जो बड़े सपने देखते है ।

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