क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है, qutub minar ki lambai

क़ुतुब मीनार की लम्बाई: भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरोली भाग में स्थित, इट से बनी हुई विश्व की सबसे उची ईमारत है। और उसको बनाए हुए 800 से अधिक वर्ष हो चुके है। क़ुतुब मीनार दिल्ली का एक पोपुलर देखने लायज स्थल है। मीनार के चारो और बने कलागिरी और नक्काशी के उत्कृष्ट नमूने है।

क़ुतुब मीनार की लम्बाई, के बारे में हम जानेगे,

क़ुतुब मीनार की लम्बाई
qutub minar ki lambai

 

दिल्ली के इस सदियों पुराने भव्य ऐतिहासिक स्मारक में, इसके शानदार इतिहास से लेकर भव्य वास्तुकला, संरचना के बारे में सब कुछ आअश्चर्यजनक है।

यह क़ुतुब मीनार परिसर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में स्वीकृत किया गया है।

क़ुतुब मीनार सूचना

क़ुतुब मीनार स्थान: महरोली, दिल्ली

स्तिथि: यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल

निकटतम मेट्रो स्टेशन: क़ुतुब मीनार

क़ुतुब मीनार का इतिहास

दिल्ली की क़ुतुब मीनार एक पांच मंजिला मीनार है। जिसका निर्माण कई शासको द्वारा चार शताब्दियों में किया गया था।

अफ्घानिस्थान की जाम की मीनार से प्रेरित होकर उस मीनार से उची मीनार बनाने की सोच से दिल्ली के दिल्ली सल्तनत के संस्थापक और पहेला मुश्लिम शासक कुतुबुदीन ऐबक ने सन 1193 में इस मीनार को बनवाने का आरम्भ किया। परंतु केवल कुतुबुदीन ऐबक ने मीनार के आधार ही बनवा सका और इनकी मृत्यु हो गई।

इसके बाद कुतुबुदीन ऐबक का उत्तराधिकारी इत्तुल्मिश ने आगे का काम करवाया। उसने तिन मंझिलो को बनवाया और उनका भी समय पूरा हो गया।

सन 1368 में फिरोजशाह तुगलक ने पांचवी और अंतिम मंझिल बनवाई। जबकि क़ुतुब मीनार का प्रवेश द्वार शेर शाह सूरी द्वारा बनाया गया था।

लाल बलुआ पत्थर से इस उची इमारत को बनाया गया है। जिसमे कुरान की आयति की और फूल, बेलो की बेहतरीन नक्काशी की गई है।

यह 13 वि शताब्दी में निर्माण की हुई भव्य मीनार राजधानी दिल्ली में खडी है।

क़ुतुब मीनार में टावर में प्रवेश पर 1981 में घटित हुई दुर्घटना के बाद से प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिस दुर्घटना में 47 लोगो की मौत हो गई थी।

क़ुतुब मीनार की लम्बाई

क़ुतुब मीनार की उचाई और व्यास

शानदार क़ुतुब मीनार की उचाई 72.5 मीटर है

इस क़ुतुब मीनार का व्यास आधार पर 14.32 मीटर है और मीनार के शीर्ष के पास लगभग 2.75 मीटर है

इस मीनार में 379 पगथिये वाली सर्पीले आकार की सीढी भी सामिल है

मीनार के आस पास काफी अन्य ऐतिहासिक इमारते है, जो मुख्य क़ुतुब मीनार के साथ मिलकर क़ुतुब मीनार परिसर बनाती है।

क़ुतुब मीनार की वास्तुकला

यह माना जाता है कि टॉवर, जो प्रारंभिक अफगान स्थापत्य शैली को प्रदर्शित करता है, क़ुतुब मीनार का निर्माण अफगानिस्तान में जाम की मीनार से प्रेरणा लेकर बनवाया गया था। मीनार की पांच अलग-अलग मंझिलो में से प्रत्येक को एक बेहतरीन बालकनी से सजाया गया है जो जटिल रूप से डिजाइन किए गए ब्रैकेट द्वारा समर्थित है।

मीनार में स्थित निचे से ऊपर की और तीन मंजिलें हल्के लाल बलुआ पत्थर से बनाई हुई हैं,

चौथी इमारत पूरी तरह से संगमरमर से बनी है,

और पांचवीं मंजिला संगमरमर और बलुआ पत्थर का मिश्रण से बनी हुई है।

आधार से अंत तक की स्थापत्य शैली भी भिन्न भिन्न है,  इसका श्रेय काफी शासकों को जाता है जिन्होंने इसे अलग-अलग हिस्सों में बनाया था।

कुतुब मीनार के विभिन्न खंडों पर शिलालेखों के बेजोड़ नमूने है जो इसके इतिहास का स्मरण कराते हैं। नक्काशीदार छंद मीनार के अंदर की शोभा बढ़ाते हैं।

क़ुतुब मीनार की लम्बाई
कुतुब मीनार की जानकारी in hindi

हाल में कुतुब मीनार के बारे में

आज, यह स्मारक दिल्ली में एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है और कुतुब मीनार परिसर का एक हिस्सा है। यह दिल्ली में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है, जिसे 1993 में इसके ऐतिहासिक महत्व और स्थापत्य प्रतिभा के लिए प्रदान किया गया था।

कुतुब महोत्सव, एक वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, इस परिसर में हर साल नवंबर-दिसंबर के महीने में आयोजित किया जाता है। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में संगीतकारों, नर्तकियों और कलारसिको द्वारा एक जीवंत सभा और अद्वितीय मनमोहक कार्यक्रम होता हैं।

कुतुब मीनार परिसर में देखने लायक चीज़ें

पर्यटकों एवम सहेलानियो के लिए दिल्ली में स्तिथ क़ुतुब मीनार के परिसर में असंख्य देखने लायक इमारते है, जिसमे मुख्यत्वे यह शामिल है

  • कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद, एक शानदार स्मारक
  • दक्षिण की ओर से मस्जिद के लिए एक गुंबददार प्रवेश द्वार, अलाई दरवाजा
  • जिसमें कभी जंग नहीं लगती, चंद्रगुप्त द्वितीय का लौह स्तंभ
  • दिल्ली सल्तनत का दूसरा शासक था, इल्तुतमिश का मकबरा
  • इमाम ज़मीन का मकबरा, जो तुर्कस्तानी मौलवी थे
  • अलाउद्दीन खिलजी का मकबरा और मदरसा
  • अलाई मीनार, खिलजी की अधूरी विजय मीनार
  • गुंबद जो कभी टॉवर के ऊपर स्थापित किया गया था , स्मिथ की मूर्खता
  • सैंडरसन की धूपघड़ी, सफेद संगमरमर में डिजाइन की गई एक धूपघड़ी
  • अरबी भाषा से ध्रुव या अक्ष,   कुतुब मीनार शब्द का अर्थ होता है।

मुश्लिम शाशको द्वारा दिल्ली में बनाया गया कुतुब मीनार (kutumb minar) एक शानदार स्थापत्य का बेहतरीन नमूना है। जो आज भी अपनी भव्यता, विशालता, नक्काशी लाल बलवा पत्थरो का बेजोड़ नमूना है जिसे देख कर लोग आश्चर्यचकित हो जाते है।

कई शानदार इमारते दिल्ली और दिल्ली के बाहर आज भी मौजूद है जिन्हें देखने के लिए लाखो लोग हररोज आते है

क़ुतुब मीनार की लम्बाई 72.5 मीटर है

इन्हें भी पढ़े

laila majnu ki kahani in hindi, लेला मजनू कहानी

akbar birbal ki kahani, अकबर बीरबल की कहानी इन हिंदी

raja ki kahani in hindi, राजा की कहानिया

Spread the love

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *